उत्तर प्रदेश: बेसिक शिक्षा के शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलेगी कैशलेस चिकित्सा सुविधा
(Mukhyamantri Shikshak Cashless Chikitsa Yojana For Basic Shiksha Parishad, Uttar Pradesh)
प्रकाशित: 05 फरवरी, 2026 | श्रेणी: सरकारी योजनाएँ / शिक्षा विभाग
प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने अपने अधीनस्थ कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अन्य कर्मचारियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब इन कर्मियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस (बिना भुगतान) इलाज की सुविधा प्रदान की जाएगी।
आइए इस योजना से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातें विस्तार से जानते हैं।
इस सुविधा का लाभ किसे मिलेगा?
यह सुविधा बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों और परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त (अनुदानित एवं स्ववित्तपोषित) स्कूलों में कार्यरत निम्नलिखित कर्मियों को दी जाएगी:
1.शिक्षक (बेसिक शिक्षा परिषद व मान्यता प्राप्त स्कूलों के)
2.शिक्षामित्र
3.विशेष शिक्षक (CWSN) – जो विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ाते हैं।
4.अनुदेशक
5.कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कार्यरत वार्डन एवं पूर्णकालिक/अंशकालिक शिक्षक/शिक्षिकाएँ।
6.प्रधानमंत्री पोषण योजना (मिड-डे मील) के रसोइया।
सबसे अहम बात: इन सभी कर्मियों के आश्रित परिवार के सदस्य (जैसे पति/पत्नी, बच्चे, माता-पिता) भी इस योजना के तहत कैशलेस इलाज के पात्र होंगे।
किस प्रकार का इलाज मिलेगा और कहाँ?
यह सुविधा विशेष रूप से आईपीडी (IPD – इन-पेशेंट डिपार्टमेंट / भर्ती होकर इलाज) के लिए मान्य होगी। इलाज के लिए निम्नलिखित स्थानों पर जा सकते हैं:
1. सरकारी चिकित्सालय।
2. निजी चिकित्सालय जो साचीज (SACHIS) से संबद्ध हैं।
इलाज की दरें वही होंगी जो प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभिकरण (NHA) द्वारा निर्धारित की जाती हैं।
योजना कैसे काम करेगी?
इस योजना को लागू करने के लिए सरकार ने एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया तय की है:
प्रीमियम राशि: प्रति कर्मचारी वार्षिक प्रीमियम अनुमानित ₹3000/- है। यह पूरा प्रीमियम सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
संचालन एजेंसी: इस योजना का क्रियान्वयन साचीज (SACHIS) के माध्यम से होगा। यह एजेंसी अस्पतालों के पैनल और कैशलेस दावों का प्रबंधन करेगी।
डेटा अपडेट: विभाग द्वारा नामित एक नोडल अधिकारी हर साल 30 जून तक पात्र कर्मचारियों और उनके परिवारों की पूरी सूची साचीज को उपलब्ध कराएंगे। इससे नए कर्मचारी जुड़ पाएंगे और सेवानिवृत्त या अन्य कारणों से अयोग्य लोगों को हटाया जा सकेगा।
किन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा? (अपवाद)
सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि अगर कोई कर्मचारी पहले से ही किसी अन्य केंद्र या राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजना (जैसे प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना, मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान आदि) से आच्छादित है, तो उसे इस नई योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इससे सरकारी धन का दोहरा उपयोग रोका जा सकेगा।
बिना मान्यता वाले (अनुदान रहित) स्कूलों के शिक्षकों के लिए अलग आदेश
विभाग के पास बिना मान्यता वाले (unrecognized/un-aided) स्कूलों के शिक्षकों का कोई अधिकृत डेटा उपलब्ध नहीं है। इसलिए, ऐसे स्कूलों के शिक्षकों को इस योजना में शामिल करने के लिए अलग से एक कार्यकारी आदेश जारी किया जाएगा। उस आदेश का इंतजार करना होगा।
कर्मचारियों के लिए अगले कदम
यदि आप बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आते हैं, तो आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए:
1. अपने विद्यालय/खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से अपना पात्रता विवरण सत्यापित करें।
2. अपने परिवार के आश्रित सदस्यों की सही जानकारी स्कूल प्रशासन को समय पर उपलब्ध कराएं।
3. अपने जिले में साचीज से संबद्ध निजी अस्पतालों की सूची पर नजर रखें।
अस्वीकरण: यह सामग्री उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी सरकारी आदेश संख्या 6-5099/471/2025-अनुभव-5 का सारांश है। किसी भी कानूनी या आधिकारिक व्याख्या के लिए कृपया मूल सरकारी अधिसूचना को देखें।