From Jan Dhan to Jan Suraksha
( सिर्फ रु 12 प्रीमियम में 2 लाख की बीमा योजना)

यह एक बड़े वित्तीय समावेशन योजना का हिस्सा है। माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार के द्वारा 28 अगस्त 2014 को जनधन योजना का शुभारम्भ किया गया था। इस योजना से गरीब और वंचित तबके के लोगो का भी बैंक खाता खुल गया। जनधन योजना के तहत 2020 तक पूरे भारत में 40 करोड़ से ज्यादा खाते इस योजना के अंतर्गत खोले गए। जिनमे से 17 करोड़ खाते एक वर्ष के अंदर ही खोले गए थे। इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि इसका लाभ सिर्फ गरीब या वंचित समुदाय ने नहीं लिया। निम्न मध्यमवर्गीय और मध्यमवर्गीय परिवार से सम्बंधित भारतीय नागरिको ने भी जनधन योजना के तहत खाते खुलवाए। आज तो इस योजना को शुरू हुए 7 वर्ष से ज्यादा का समय हो चुका है।
अब आगे बात करते हैं जन धन से जन सुरक्षा (From Jan Dhan to Jan Suraksha) योजना की। जब नागरिकों के पास खाते हो गए तो माननीय प्रधानमंत्री जी ने 15 अगस्त 2014 को लालकिले से सम्बोधन में किये गए वादे को पूरा करते हुए दो फ्लैगशिप योजनाएं शुरू कीं। ये योजनाएं सामाजिक सुरक्षा से जुडी हुई हैं।
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प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (Pradhan Mantri Jeevan Jyoti Beema Yojana)
इस बीमा योजना के अंतर्गत 18 से 50 वर्ष के बैंक खाताधारक को Rs 330 के वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख का जीवन बीमा दिया जाता है। बीमाधारक की मृत्यु पर नॉमिनी को दावे के 30 दिन के अंदर बीमित राशि का भुगतान कर दिया जाता है।

2. प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (Pradhan Mantri Suraksha Beema Yojana)
इस बीमा योजना के अंतर्गत 18 से 70 वर्ष के बैंक खाताधारक को Rs 12 के वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख का दुर्घटना बीमा दिया जाता है। यह योजना दुर्घटना में मृत्यु के साथ स्थायी विकलांगता को भी कवर करता है। अगर बीमाधारक दुर्घटनावश दिव्यांग हो जाता है तो सिविल सर्जन द्वारा स्थायी अशक्तता प्रमाण जारी करने के उपरांत प्रमाणपत्र प्राप्त करते हुए दावा करने पर रु 2 लाख का भुगतान किया जाता है।
3. अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana )
यह योजना सामाजिक सुरक्षा का ही भाग है। इसका उद्देश्य है कि गरीब तबके के कामकाजी लोगो को रिटायरमेंट के न्यूनतम रु 1000 की मासिक पेंशन सुनिश्चित की जा सके। इसका उद्देश्य एक बड़ी आबादी को शामिल करते हुए लाभ पहुँचाना है। पेंशन की राशि और उसके लिए निवेश की गयी राशि को न्यूनतम रखा गया है। ताकि कोई कम आय वाला व्यक्ति भी आसानी से अपने बुढ़ापा की व्यवस्था को कर सकें ।
18 से 40 वर्ष तक का कोई व्यक्ति अपना निवेश शुरू करके कम से कम 20 वर्ष तक निवेश कर सकता है। अगर आपको 60 वर्ष की आयु पर रु 5,000 पेंशन प्राप्त करनी हो तो आपका प्रीमियम उम्रवार अलग – अलग होगा है। एक उदहारण से समझते हैं :
अगर रवि कि आयु 18 वर्ष है और उसे 60 वर्ष कि आयु पर रु 5,000 पेंशन प्राप्त करनी है तो रु 210 का प्रतिमाह भुगतान करना होगा। जबकि 40 वर्ष के सुरेश को रु5,000 प्रतिमाह पेंशन पाने के लिए रु 1,454 का प्रतिमाह प्रीमियम भुगतान करना होगा।