Old Pension Scheme-
Old Pension Scheme or The Stick of old age-पुरानी पेंशन योजना की बात करते ही कर्मचारी आह की स्थिति में आ जाते हैं। 31 दिसंबर 2003 को केंद्र सरकार ने पुरानी पेंशन योजना को बंद कर दिया। इसका अर्थ यह है कि यदि कोई पद 1 जनवरी 2004 को या उसके बाद भरा जाता है, तो यह पद किसी अन्य पेंशन योजना से लाभान्वित होगा। सिर्फ सशस्त्र बलों को पहले की तरह ही योजना का लाभ दिया जाता रहा।
पुरानी पेंशन योजना एक गारंटीशुदा पेंशन योजना है। जहां पर कर्मचारियों को सेवानिवृत्त होने पर अंतिम वेतन का 50% पेंशन के रूप में मिलता है।
बात सिर्फ पेंशन की गारंटी की नहीं है। कर्मचारियों से यह उम्मीद रखना कि वह अपने रिटायरमेंट की योजना बनाएंगे और रिटायरमेंट के बाद कितना फंड मिलेगा, इसकी गणना करेगा। और सबके साथ वह पुरानी पेंशन वालो की तरह तनाव मुक्त बुढ़ापा जी पायेगा।

यह उम्र का ऐसा दौर होता है, जिसके स्वास्थ्य पर होने वाले खर्चे बढ़ जाते हैं। क्या समय आप पर लोगो की निर्भरता तो कम होती है लेकिन व्यक्तिगत खर्च बढ़ जाता है। निर्भता भी तभी काम होगी, जब रिटायरमेंट से पहले ही बच्चों की उच्च शिक्षा पूरी हो चुकी हो, उनकी शादी हो चुकी हो। साथ ही परिवार में आय के कोई साधन भी हो।
Dearness Relief (महँगाई राहत)- पुरानी पेंशन योजना में पेंशनभोगियों को महंगाई से भी राहत मिलती रहती है। जिस तरह से कर्मचारियों को महंगाई भत्ता दिया जाता है, उसी तरह पेंशनभोगियों को राहत देने के लिए महंगाई राहत दिया जाता है।

Extraordinary Pension- असाधारण पेंशन में कुछ राहत कर्मचारी और परिवार के लिए होती है। अशक्त पेंशन, सेवा भाव और जोखिम लेने की क्षमता को बढ़ाता है।
Family Pension- जिस तरह से आज कर्मचारी भययुक्त रहते हैं कि मेरे बाद परिवार का क्या होगा? मेरी ज़िम्मेदारियाँ मेरी अनुपस्थित में भी पूरी होनी चाहिए। परिवार में किसी एक सदस्य की कमी होने पर, दूसरे उसकी भरपाई नहीं कर पाते।

परिवार में किसी की मृत्यु, परिवार के लिए एक अपूर्णीय क्षय होती है। परंतु मृत कर्मचारी की अनुपस्थिति में पैसे के कारण परिवार की स्थिति खराब नहीं होती है। पुरानी पेंशन में मृत कर्मचारी के बाद परिवार को पेंशन मिलती है। पारिवारिक पेंशन, कर्मचारी को सेवानिवृत्ति वर्ष की उम्र तक मिलने वाली पेंशन के बराबर ही मिलती है।
Additional Quantum Pension- पहले की अपेक्षा जीवन प्रत्याशा कम हो गई है। आज जब किसी से बात करो तो एक ही जवाब होता है कि 65 की उम्र भी पार करना मुश्किल है। एक शब्द “जीवन का तो कोई भरोसा नहीं है” कहानी सी हो गई है। फ़िलहाल पुरानी पेंशन पेंशनभोगियों को 80 से 100 की उम्र में 20 से 100% मूल पेंशन वृद्धि का लाभ मिलता है।